Baba Bageshwar Dham Today News in Ballabhgarh
परम पूज्य बाबा बागेश्वर आज बल्लभगढ़ में पधारे भक्ति उत्सव और एकता का संगम
आज बल्लभगढ़ की गलियों में कुछ अलग ही रौनक की सुबह से ही हर दिशा में जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी जय बाबा बागेश्वर लोगों के चेहरे पर उत्साह आंखों में भक्ति और दिलों में श्रद्धा झलक रही थी कारण था परम पूज्य बाबा बागेश्वर धाम सरकार का आज बल्लभगढ़ आगमन ।
सुबह से शुरू हुई तैयारी एक भक्ति पर्व जैसा माहौल
सुबह की पहली किरण के साथ ही भक्तों की भीड़ कर सड़कों पर उम्र पड़ी हर तरफ सफेद कपड़ो में पुरुष सर्दियों में महिलाएं और छोटे बच्चों के हाथों में भगवा झंडा लहरा रहे थे स्थानीय प्रशासन और स्वयं सेवकों ने इस कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संभाला बल्लभगढ़ की अनाज मंडी को भव्य पंडाल में बदला गया था जहां बाबा के स्वागत के लिए मंच पुष्प मालाए और भगवा में सजावट की गई थी ।
भीड़ में दिल्ली आगरा पलवल गुरुग्राम और राजस्थान तक से भक्त शामिल हुए थे हर कोई बस एक झलक पाने को बेताब था।
बाबा बागेश्वर का आगमन जब कुंज उठी पूरी धरती
दोपहर लगभग 1:00 बजे बाबा बागेश्वर मंच पर पहुंचे तो पूरा माहौल भक्ति में हो गया।
जय बागेश्वर धाम सरकार के नारों से हवा तक गूंज उठी।
लोगों ने फूलों की वर्षा की कुछ ने मोबाइल से वीडियो बनाएं तो कुछ में हाथ जोड़कर मोहन भाव से नमन किया।
बाबा ने मंच पर पहुंचते ही मुस्कुराते हुए सभी को आशीर्वाद दिया।
उन्होंने अपने प्रवचन की शुरुआत से हनुमान चालीसा के पाठ से की । फिर बोले _
"भक्ति का अर्थ केवल पूजा नहीं बल्कि समाज में प्रेम और सद्भाव फैलाना है।"
उनके शब्दों में सादगी थी , पर प्रभाव गहरा। लोग मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहे ।
बाबा के प्रवचन के मुख्य उद्देश्य
बाबा बागेश्वर ने अपने प्रवचन में कई सामाजिक और आध्यात्मिक बाते कही ।
उन्होंने कहा कि आज के समय में इंसान को मंदिर से पहले अपने मन को पवित्र बनाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से अपील की _
मां बाप की सेवा ही सच्चा धर्म है ,और समाज की भलाई ही सबसे बड़ी साधना है ।
बाबा ने लोगों में नशा मुक्त भारत और स्वच्छता अभियान का भी हिस्सा बनने का आग्रह किया ।
उन्होंने कहा कि धर्म वही सच्चा है जो समाज को जोड़ता हैं,तोड़ता नहीं ।
बल्लभगढ़ में भक्तों की सेवा और व्यवस्था
इस विशाल आयोजन के दौरान व्यवस्था अनुकरणीय रही ।
स्थानीय पुलिस,नगर ,निगम और स्वयं सेवकों ने मिलकर पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न कराया ।
बल्लभगढ़ के व्यापारी और स्थानीय समाजसेवी भी इस आयोजन में आगे आए ।
कई दुकानों ने मुफ्त जल सेवा और प्रसाद वितरण किया ।
यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं था,बल्कि सेवा और एकता का उत्सव बन गया था।
भक्तों के अनुभव _भक्ति से भी गहरा एहसास
कार्यक्रम में पहुंची एक बुजुर्ग महिला ने कहा _
मैने बाबा को सिर्फ टीवी में देखा था,लेकिन जब आज दर्शन हुए तो दिल को शांति मिल गई ।
एक कॉलेज छात्रा ने बताया _
बाबा का प्रवचन सुन कर लगा कि धर्म सिर्फ पूजा नहीं ,सही जीवन जीने की कला है ।
इन अनुभवों ने साबित किया कि बाबा बागेश्वर की बातों में केवल धार्मिक नहीं ,बल्कि जीवन का सच्चा सार है ।
निष्कर्ष _आस्था का असली अर्थ
बाबा बागेश्वर बल्लभगढ़ आगमन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था,
यह उस आस्था का मिसाल था जो लोगों के दिलों को जोड़ती है । लोगों ने सिर्फ वहां प्रवचन नहीं सुना _उन्होंने भक्ति,प्रेम और सामाजिक जागरूकता का अनुभव किया ।
जहां प्रेम और सेवा है वही ईश्वर का वास है बाबा बागेश्वर धाम सरकार की जय ।
बल्लभगढ़ के इस ऐतिहासिक दिन में यह साबित कर दिया कि जब श्रद्धा सच्ची हो तो हर शहर हर दिल और हर आत्मा में भगवान बस जाते हैं ।


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