NEET UG के 12 लाख कैंडिडेट्स काउंसलिंग के इंतजार में:75 स्टूडेंट्स का रीएग्जाम होगा; मेरिट लिस्ट भी बदल सकती है
NEET UG परीक्षा एमपी के इंदौर शहर के 75 स्टूडेंट्स के लिए दोबारा कराई जानी ह। इंदौर हाईकोर्ट ने 30 जून को NTA को निर्देश दिया है कि इन कैंडिडेट्स के लिए परीक्षा जल्द कराई जाए और रिजल्ट जल्द जारी हो।
NTA के लिए यह पहला मौका था जब सरकारी स्कूलों को NEET UG का एग्जाम सेंटर बनाया गया था जहां पावर बैकअप का कोई इंतजाम नहीं था। दरअसल, पिछले साल यानी 2024 में NEET UG एग्जाम को लेकर हुए विवाद के बाद इस साल सरकारी स्कूलों को सेंटर बनाया गया था। इससे पहले प्राइवेट स्कूलों और कंप्यूटर लैब्स को एग्जाम सेंटर बनाया जाता था।
ऐसे में परीक्षा क्वालिफाई कर चुके 12 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स का रिजल्ट का इंतजार अब बढ़ सकता है। NEET एडमिशन काउंसलर रिया शर्मा बताती हैं कि इससे काउंसलिंग का प्रोसेस शुरू होने में समय लग सकता है।
मेरिट लिस्ट बदल सकती है
75 स्टूडेंट्स का एग्जाम दोबारा होने के बाद रिवाइज्ड रिजल्ट भी जारी होगा। बता दें कि इंदौर के जिस एग्जाम सेंटर के स्टूडेंट्स का रीएग्जाम होना है, उसी सेंटर से कुछ स्टूडेंट्स ने परीक्षा में 600 से ज्यादा स्कोर किया है। संभव है कि इन 75 स्टूडेंट्स का रिजल्ट जारी होने के बाद मेरिट लिस्ट भी बदल जाए।
पिछले साल भी रीएग्जाम से बदली थी मेरिट लिस्ट
साल 2024 में NEET UG का रिजल्ट जारी होने पर 67 स्टूडेंट्स को 720 में से 720 नंबर मिले थे। हालांकि, 1563 कैंडिडेट्स के लिए रीएग्जाम कराया गया, जिसके बाद रिवाइज्ड रिजल्ट में केवल 17 टॉपर्स बचे थे।
काउंसलिंग की डेट्स का इंतजार जारी
MCC ने अभी तक काउंसलिंग की डेट्स जारी नहीं की हैं। MCC ऑल इंडिया कोटा यानी AIQ की 15% सीटों के लिए काउंसलिंग कराएगा, जबकि बाकी 85% सीटें स्टेट काउंसलिंग से भरी जाएंगी।
इंदौर, उज्जैन के एग्जाम सेंटर्स पर कटी थी बिजली
दरअसल, 4 मई को परीक्षा के दौरान इंदौर और उज्जैन के कई एग्जाम सेंटर की बिजली गुल हो गई थी। छात्रों ने अदालत से कहा था कि बिजली गुल होने से परीक्षा पर असर पड़ा। जिन छात्रों की परीक्षा दोबारा कराई जा रही है, उन्होंने 3 जून से पहले याचिका दाखिल की थी।
जज ने कोर्ट रूम की बिजली बंद कराई थी, फिर परीक्षा पेपर देखा
यह परीक्षा केवल उन 75 छात्रों के लिए आयोजित की जाएगी, जिन्होंने 3 जून के पहले याचिका दायर की थी। पिछली सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट के जज ने कोर्ट रूम बिजली बंद कराकर परीक्षा पेपर पढ़ा था। जज ने ऐसा इसलिए किया ताकि उस वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगा सकें, जिसमें छात्रों को परीक्षा देनी पड़ी।
आज दिए आदेश में कोर्ट ने कहा, "परीक्षा में शामिल हुए छात्रों की कोई गलती न होने के बावजूद, उन्हें बिजली कटौती के कारण असुविधाजनक स्थिति में डाल दिया गया था।"




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